पश्चिम बंगाल में फिर तनाव: फालता में पुलिस का लाठीचार्ज, टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया है। दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम के कई बूथों पर शनिवार को दोबारा मतदान के दौरान हंगामा देखने को मिला। फालता इलाके में स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि वोट डालने के बाद उन पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो पुलिस ने भी बल प्रयोग किया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। कुछ के सिर, हाथ और पैरों में चोट आई है। इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
डायमंड हार्बर के चार और मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों पर शनिवार सुबह सात बजे से दोबारा मतदान शुरू हुआ। यह फैसला 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान हुई हिंसा और ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतों के बाद लिया गया था। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बावजूद इसके कई जगहों पर झड़प और आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे। दोपहर एक बजे तक इन क्षेत्रों में 55 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया।
फालता में लाठीचार्ज का आरोप
फालता के स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने मतदान के बाद उनके घरों में घुसकर मारपीट की। जब लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान महिलाओं और युवतियों के साथ भी मारपीट की गई। कई घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोगों ने विशेष समुदाय के लोगों पर भी हमले का आरोप लगाया है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
महिला ने लगाए गंभीर आरोप
हासिमनगर की एक महिला ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ता लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले से ही धमकियां दी जा रही थीं। महिला का आरोप है कि कार्यकर्ता घरों में घुस आए और महिलाओं को डराया-धमकाया। यहां तक कि रेप और हत्या की धमकी भी दी गई। महिला ने बताया कि उन्होंने पुलिस को सुबह 10 बजे तक कार्रवाई का समय दिया था। जब कोई कदम नहीं उठाया गया तो लोग विरोध के लिए सड़क पर उतरे। इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
टीएमसी का पलटवार
वहीं टीएमसी ने भी आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि मगराहाट के बूथ नंबर 127 पर सुरक्षाबलों ने उनके कैंप में तोड़फोड़ की। कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। इस घटना के बाद टीएमसी समर्थकों ने नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है।
चुनाव आयोग ने बढ़ाई निगरानी
चुनाव आयोग ने हालात को देखते हुए कड़ी निगरानी के कदम उठाए हैं। राज्य में 165 अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्जर्वर और 77 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। आयोग का उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाना है। इसके साथ ही प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पहले भी हुई थी गड़बड़ी
29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान इन इलाकों में हिंसा, झड़प और ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने इन बूथों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया। ये सभी बूथ दक्षिण 24 परगना जिले में आते हैं, जहां पहले भी कई बार चुनावी हिंसा की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
रिकॉर्ड वोटिंग और आगे की राह
पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ है। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत और दूसरे चरण में 92.48 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। कुल मतदान 92.84 प्रतिशत रहा। अब चार मई को नतीजे घोषित होंगे।
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